तारे हमें टिमटिमाते हुए दिखाई देते हैं क्योंकि वे दूरी पर स्थित ज्योतिशीय द्रव्यमानों के प्रकाश को धरती के वायुमंडल के माध्यम से तरंगों में भिगो जाते हैं। जब ये तरंगे धरती के वायुमंडल से होकर गुजरते हैं, तो वे भिन्न-भिन्न परामर्शों में बिकरण करते हैं और हमें उनकी दिशा में टिमटिमाहट के रूप में प्रकट होते हैं।