शरीर के कुछ हिस्से ऐसे हैं जहाँ पसीना बहुत कम या नहीं आता है। इनमें मुख्य रूप से होंठ, नाखून, कान के अंदरूनी हिस्से, और कुछ अन्य क्षेत्रों की त्वचा शामिल हैं। पसीना न आने का कारण यह है कि इन क्षेत्रों में पसीना ग्रंथियाँ (स्वेट ग्लैंड्स) नहीं होती हैं या बहुत कम होती हैं।विशेष रूप से:होंठ: होंठों में पसीना ग्रंथियाँ नहीं होती हैं। होंठों की त्वचा पतली और पसीना उत्पन्न करने वाली ग्रंथियों से रहित होती है, जिससे इनसे पसीना नहीं आता।नाखून: नाखून और उनके आसपास की त्वचा में भी पसीना ग्रंथियाँ नहीं होती हैं।कान के अंदरूनी हिस्से: कान के भीतर की त्वचा में पसीना ग्रंथियाँ नहीं होती हैं, इसलिए वहां पसीना नहीं आता।यहाँ पर पसीना ग्रंथियाँ नहीं होने के कारण ही इन अंगों से पसीना नहीं आता है। पसीना ग्रंथियों का मुख्य कार्य शरीर को ठंडा रखना और विषैले पदार्थों को बाहर निकालना है, और ये ग्रंथियाँ शरीर के अन्य हिस्सों में प्रमुख रूप से उपस्थित होती हैं।