एरोप्लेन का आविष्कार 17 दिसंबर 1903 को राइट बंधुओं, ऑरविल और विल्बर राइट, द्वारा किया गया था। वे संयुक्त राज्य अमेरिका के ओहायो राज्य के रहने वाले थे और उनकी कड़ी मेहनत और तकनीकी कौशल ने आधुनिक विमानन की नींव रखी।
संक्षिप्त इतिहासप्रारंभिक जीवन और रुचि:
राइट बंधुओं ने शुरू से ही उड़ान के प्रति गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने शुरुआत में साइकिल मरम्मत और निर्माण का व्यवसाय किया, जिसने उन्हें यांत्रिकी और इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण ज्ञान प्रदान किया।पहले प्रयोग: 1899 में, राइट बंधुओं ने अपने पहले ग्लाइडर का निर्माण किया और उन्होंने इसके परीक्षण किए। इन परीक्षणों से उन्हें विमान के नियंत्रण तंत्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
सफल उड़ान:
17 दिसंबर 1903 को, राइट बंधुओं ने अपनी पहली सफल संचालित उड़ान का प्रदर्शन किया। यह उड़ान उत्तरी कैरोलिना के किट्टी हॉक में हुई। ऑरविल राइट ने पहली उड़ान भरी, जो 12 सेकंड तक चली और उसने 120 फीट की दूरी तय की। उसी दिन, विल्बर ने भी उड़ान भरी, जो 59 सेकंड तक चली और उसने 852 फीट की दूरी तय की।विमान का नाम: उनके विमान का नाम “फ्लायर” था, जिसे बाद में “राइट फ्लायर” के नाम से जाना गया। यह विमान एक द्विपंखी (biplane) था, जिसे लकड़ी और कपड़े से बनाया गया था और इसमें एक कस्टम निर्मित चार-सिलेंडर पेट्रोल इंजन लगा था।राइट बंधुओं की उपलब्धियाँएविएशन का बुनियादी सिद्धांत: राइट बंधुओं ने विमान के नियंत्रण के लिए तीन-अक्ष नियंत्रण प्रणाली का आविष्कार किया, जो आज भी विमानों के लिए मानक प्रणाली है। इसमें पिच (pitch), रोल (roll), और यॉ (yaw) नियंत्रण शामिल हैं।
अनुसंधान और विकास:
उन्होंने व्यापक अनुसंधान और विकास किया, जिसमें विंड टनल (wind tunnel) का उपयोग भी शामिल था, जो वायुगतिकीय परीक्षणों के लिए महत्वपूर्ण था।राइट बंधुओं की यह उपलब्धि विमानन के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई। उनके कार्य ने उड़ान के क्षेत्र में क्रांति ला दी और आधुनिक हवाई परिवहन का मार्ग प्रशस्त किया। उनकी पहली उड़ान ने यह साबित कर दिया कि संचालित और नियंत्रित उड़ान संभव है, जिससे हवाई जहाज के विकास और प्रगति का युग शुरू हुआ।