बल्ब का आविष्कार 1802 में हुआ था, जब हम्फ्री डेवी, एक ब्रिटिश वैज्ञानिक, ने पहला प्राथमिक विद्युतीय बल्ब बनाया। उन्होंने विभिन्न विद्युत संवर्धन तत्वों का प्रयोग करके हिंदुस्तानी घी में धाराधार दबाव बनाया और इसके माध्यम से प्रकाश उत्पन्न किया।
बल्ब का आविष्कार मुख्य रूप से उद्योगीकरण और सार्वजनिक उपयोग के लिए किया गया था। इसके आविष्कार से पहले, रोशनी के लिए भगवान और पेट्रोल लैम्प का प्रयोग होता था, जो अधिक खतरनाक और असुरक्षित था। बल्ब के आविष्कार से, सुरक्षित, साफ और प्रभावी रूप से प्रकाश प्रदान करने का नया तरीका मिला, जिसने रोशनी के उपयोग को बदल दिया। यह आविष्कार रोशनी की सुविधा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान किया और एक नया और अधिक सुरक्षित आधुनिक समाज का निर्माण किया।